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Health Tips | वो 15 फूड, जिन्हें खाने से होता है कब्ज:क्या खाएं कि सुबह पेट अच्छे से साफ हो, डॉक्टर बता रहे हैं अच्छे पाचन का राज

By Ajay Patel 6 min read

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में 21% लोगों को कब्ज है। 2018 के गट हेल्थ सर्वे के मुताबिक भारत में 22% वयस्क कब्ज से पीड़ित हैं। इनमें से 59% लोगों को गंभीर कब्ज की शिकायत है।

हमारी खराब लाइफस्टाइल इसकी प्रमुख वजह है। इसकी बुनियाद में हमारा भोजन है। खाने का हर कौर तय करता है कि कब्ज होगा या नहीं। अगर भोजन में पर्याप्त मात्रा में फाइबर नहीं है तो यह कब्ज का कारण बन सकता है। पर्याप्त पानी नहीं पीने से भी यह समस्या हो सकती है। इसके कारण पेट में सूजन और गैस हो सकती है और दर्द भी हो सकता है।

कब्ज के कारण पेट साफ नहीं होने से शारीरिक और मानसिक सेहत प्रभावित होती है। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। ऑफिस के काम में भी प्रोडक्टिविटी कम हो सकती है।

इसलिए ‘सेहतनामा’ में आज कब्ज की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • कब्ज के क्या लक्षण हैं?
  • किन फूड्स के कारण कब्ज होता है?
  • कब्ज से निजात पाने के लिए क्या खाना चाहिए।

कब्ज क्या है?

कब्ज का सिंपल मतलब है कि पेट साफ नहीं हो रहा है। हमने जो भोजन किया है, उसका वेस्ट पेट में ही अटका हुआ है।

इसे ऐसे समझिए कि जब हम कुछ खाते हैं तो यह हमारे पेट में छोटी आंत से होकर बड़ी आंत में जाता है। छोटी आंत भोजन से न्यूट्रिएंट्स अवशोषित करके इसे बड़ी आंत में भेज देती है। बड़ी आंत इससे पानी सोखती है और यह गाढ़े पूप में बदल जाता है।

अगर भोजन में फाइबर की मात्रा कम है तो भोजन पाचन तंत्र में बहुत धीरे-धीरे खिसकता है। इस दौरान बड़ी आंत इससे ज्यादा पानी सोख लेती है। इससे पूप सूखकर टाइट हो जाता है और यह फंस जाता है। अगर पानी भी कम पिया है तो ज्यादा मुश्किल हो सकती है।

कब्ज के क्या लक्षण हैं?

इसका सामान्य लक्षण ये है कि रोज पेट साफ नहीं हो रहा है। जब बाउल मूवमेंट होता है तो पूप बहुत टाइट होता है। इसके अन्य लक्षण ग्राफिक में देखिए-

15 चीजें, जिन्हें खाने से होता है कब्ज

कब्ज का बुनियादी कारण हमारा भोजन होता है। कुछ फूड्स कब्ज की वजह बनते हैं, जबकि कुछ चीजें खाने से कब्ज दूर होता है और पेट अच्छे से साफ होता है। डॉ. … के मुताबिक, ये 15 चीजें खाने या पीने से कब्ज की शिकायत हो सकती है। ग्राफिक में देखिए-

ग्राफिक में दिए कुछ फूड्स से हो रहे कब्ज की वजह विस्तार से समझिए-

  • ज्यादा शराब पीने से शरीर में मौजूद पानी पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है। इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है और कब्ज की समस्या हो सकती है।
  • चॉकलेट खाने से पाचन का प्रोसेस बहुत धीमा हो जाता है। इससे बड़ी आंत को ज्यादा पानी सोखने का मौका मिल जाता है और कब्ज हो जाता है। अगर किसी को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम है तो बिल्कुल भी चॉकलेट नहीं खानी चाहिए।
  • दूध और पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स से कब्ज हो सकता है। इसमें मौजूद लैक्टोज से पेट में गैस और सूजन बढ़ सकती है। इसलिए कब्ज की समस्या है तो दूध और पनीर अवॉइड करना चाहिए।
  • बहुत तली-भुनी चीजें या ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से कब्ज का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें फैट ज्यादा होता है और फाइबर की मात्रा कम होती है। इसलिए पाचन तंत्र धीमा पड़ सकता है और कब्ज हो सकता है।
  • आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स के कारण कब्ज हो सकता है। इसलिए अगर कभी ये सप्लीमेंट्स ले रहे हैं तो खाने में एक्स्ट्रा फाइबर को जरूर शामिल करें।

कब्ज से जुड़़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब

सवाल: क्या कब्ज या कॉन्स्टिपेशन डरने की बात है?

जवाब: नहीं, कब्ज बहुत आम बात है। दुनिया के लगभग सभी लोगों को जीवन में कभी-कभी कब्ज की शिकायत होती है। लाइफस्टाइल खराब होने से या पर्याप्त फाइबर वाला भोजन नहीं खाने से कब्ज हो सकता है। अगर किसी को बार-बार कब्ज हो रहा है तो इसका मतलब है कि पाचन तंत्र ठीक नहीं है या फूड च्वॉइस बहुत खराब है।

अगर किसी को बहुत लंबे समय से कब्ज बना हुआ है तो इसकी वजह कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। ऐसे में कब्ज इग्नोर करने की बजाए डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सवाल: क्या ज्यादा फाइबर खाने से भी कब्ज हो सकता है?

जवाब: अगर भोजन में इनसॉल्यूएबल फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा है तो इससे बाउल मूवमेंट बहुत धीमा हो सकता है। इसके कारण पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं और कब्ज हो सकता है।

आमतौर पर क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन होने पर बहुत ज्यादा फाइबर वाले फूड्स से कब्ज की समस्या बढ़ती है। ऐसे मामलों में डाइट में फाइबर फूड्स शामिल करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सवाल: कब्ज होने पर किन फूड्स को अवॉइड करना चाहिए?

जवाब: अगर किसी को कब्ज की समस्या है तो उसे ऐसे फूड्स अवॉइड करने चाहिए, जिनमें फैट ज्यादा होता है और फाइबर कम होता है-

  • प्रोसेस्ड फूड्स- चिप्स, बिस्किट, नमकीन।
  • अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स- बर्गर, पिज्जा।
  • डेयरी प्रोडक्ट्स- दूध, पनीर।
  • रेड मीट।

इनमें फैट बहुत ज्यादा होता है और फाइबर कम होता है। इसलिए इनके पाचन में मुश्किल होती है और कब्ज हो सकता है।

सवाल: क्या बादाम वाला दूध पीने से भी कब्ज हो सकता है?

जवाब: बादाम वाला दूध आमतौर पर सुरक्षित होता है। बादाम में फैट काफी होता है और थोड़ा फाइबर भी होता है। आमतौर पर बादाम कब्ज की मुख्य वजह नहीं है। हालांकि, बाजार से बादाम वाला दूध खरीद रहे हैं तो इसमें मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट जैसे केमिकल्स और फोर्टिफायर के कारण कब्ज हो सकता है।

सवाल: क्या चिकन खाने से कब्ज हो सकता है?

जवाब: चिकन हमेशा कब्ज का कारण नहीं बनता क्योंकि इसमें लीन प्रोटीन के साथ थोड़ा फाइबर भी होता है। हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि चिकन खाने से कब्ज में राहत मिल सकती है। अगर चिकन खा रहे हैं तो कब्ज से बचने के लिए भोजन में सब्जियां, साबुत अनाज और फल भी शामिल करना चाहिए। साथ ही दिन में 7-8 गिलास पानी पीना चाहिए।

सवाल: क्या खाने से कब्ज में राहत मिल सकती है?

जवाब: ये सभी चीजें खाने से कब्ज में राहत मिल सकती है-

फल: पपीता, सेब, अन्नानास, कीवी, अंगूर और अमरूद।

सब्जियां: गाजर, पालक, नींबू, पत्तागोभी, ब्रॉकली, चुकंदर और भिंडी।

सीड्स: चिया सीड्स, फ्लेक्स सीड्स, पंपकिन सीड्स, स्प्राउट्स।

अनाज: ओट्स, चोकर वाला आटा।

डेयरी प्रोडक्ट्स: छाछ, दही और घी।

सवाल: कब्ज होने पर कब डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है?

जवाब: इन कंडीशन में कब्ज होने पर डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें-

  • अगर दवा लेने के बाद भी कब्ज खत्म नहीं हो रहा है।
  • अगर लाइफस्टाइल सुधारने और फाइबर फूड खाने पर भी कब्ज बना रहता है।
  • अगर बार-बार कब्ज की समस्या हो रही है।
  • अगर कब्ज के साथ पेट में दर्द हो रहा है।
  • अगर कब्ज के साथ मल में खून आ रहा है।
  • अगर कब्ज के साथ उल्टी जैसे अन्य लक्षण दिख रहे हैं।

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